लोकेशन-सुकमा
रिपोर्टर-विजय सिंह 06/01/2026
सुकमा जिले में नक्सल उन्मूलन की दिशा में एक बड़ी और ऐतिहासिक सफलता सामने आई है। छत्तीसगढ़ शासन की “पूना मार्गेम – पुनर्वास से पुनर्जीवन” योजना के तहत 07 महिला सहित कुल 26 कुख्यात माओवादी कैडरों ने आज 07 जनवरी 2026 को समाज की मुख्यधारा में लौटते हुए आत्मसमर्पण कर दिया। आत्मसमर्पित माओवादियों पर कुल 64 लाख रुपये का इनाम घोषित था।
PLGA, दक्षिण बस्तर, माड़ डिवीजन और AOB क्षेत्र के सक्रिय कैडर…
आत्मसमर्पण करने वाले माओवादी PLGA बटालियन, दक्षिण बस्तर डिवीजन, माड़ डिवीजन और आंध्र ओडिशा बॉर्डर (AOB) क्षेत्रों में सक्रिय रहे हैं। इनमें CYPCM – 01, DVCM – 01, PPCM – 03, ACM – 03 पार्टी सदस्य – 18 शामिल हैं। ये सभी सुकमा, माड़ क्षेत्र और सीमावर्ती ओडिशा में हुई कई बड़ी नक्सली घटनाओं में शामिल रहे हैं।
सुरक्षा बलों के दबाव और पूना मार्गेम की अपील का असर…
अंदरूनी क्षेत्रों में लगातार नए सुरक्षा कैंपों की स्थापना, सटीक नक्सल विरोधी ऑपरेशनों और शासन की पुनर्वास नीति के प्रभावी क्रियान्वयन से माओवादी संगठन लगातार कमजोर हो रहा है। पुलिस के बढ़ते दबाव और विकास की पहुँच से प्रभावित होकर इन माओवादियों ने हिंसा का रास्ता छोड़ने का निर्णय लिया।
वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में हुआ आत्मसमर्पण..
सभी माओवादियों ने रक्षित आरक्षी केंद्र, सुकमा में किरण चव्हाण (पुलिस अधीक्षक, सुकमा) सुरेश सिंह पायल (द्वितीय कमान अधिकारी, डीआईजी कार्यालय सुकमा) अजयमनी त्रिपाठी (212 वाहिनी CRPF) वीरेंद्र सिंह (217 वाहिनी CRPF) रोहित शाह (अति. पुलिस अधीक्षक, नक्सल ऑप्स) अभिषेक वर्मा (अति. पुलिस अधीक्षक) मनीष रात्रे (DSP, नक्सल ऑप्स)
रविकांत सहारे (DSP, विआशा)मोनिका श्याम (DSP, सुकमा) की उपस्थिति में आत्मसमर्पण किया।
हर आत्मसमर्पित माओवादी को मिलेगा पुनर्वास लाभ
छत्तीसगढ़ शासन की “नक्सलवादी आत्मसमर्पण/पीड़ित राहत पुनर्वास नीति–2025” के तहत सभी आत्मसमर्पित माओवादियों को ✔️ ₹50,000 प्रोत्साहन राशि, ✔️ घोषित इनाम राशि, ✔️ अन्य पुनर्वास सुविधाएं प्रदान की जाएंगी।
डीआरजी, CRPF और खुफिया तंत्र की अहम भूमिका
माओवादियों को मुख्यधारा में लाने में डीआरजी सुकमा, इंटेरोगेशन शाखा, विआशा सुकमा, RFT सुकमा तथा CRPF की 02, 159, 212, 217, 226 और COBRA 201 बटालियन की खुफिया इकाइयों की विशेष भूमिका रही।
संदेश साफ – शेष माओवादियों के पास एक ही रास्ता…


सुरक्षा एजेंसियों ने स्पष्ट संदेश दिया है कि
➡️ हिंसा छोड़ें
➡️ शांति और विकास का रास्ता अपनाएं
➡️ पूना मार्गेम अभियान से जुड़ें
सुकमा पुलिस के नेतृत्व में नक्सल मुक्त बस्तर के संकल्प को जमीन पर उतारने की कार्रवाई लगातार जारी है।

