रोटी की जंग लड़ते दुकानदार, गड्ढों में फंसती गाड़ियाँ! बिश्रामपुर चौपाटी बनी प्रशासनिक संवेदनहीनता की तस्वीर…
हर दिन देखते हैं, फिर भी चुप हैं! बिश्रामपुर चौपाटी की बदहाली पर प्रशासन मौन…
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ख़ास रिपोर्ट…
बिश्रामपुर! 11/01/2026
ज़िला सूरजपुर के थाना विश्रामपुर अंतर्गत DAV स्कूल समीप (एस.ई.सी.एल.) रिंग रोड पर संचालित चौपाटी आज अव्यवस्था, असुरक्षा और प्रशासनिक उदासीनता का प्रतीक बनता जा रहा है। चौपाटी के बीचो-बीच गड्ढे हो जाने के कारण लगभग रोज़ाना दोपहिया और चारपहिया वाहन उसमें फंस रहे हैं, जिससे वाहनों को नुकसान हो रहा है और लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

🛣️ गड्ढा छोटा, लेकिन नुकसान बड़ा…
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह गड्ढा जानलेवा तो नहीं है, लेकिन इतना ज़रूर है कि वाहन उसमें फंसकर क्षतिग्रस्त हो सकता है। ख़ासकर रात के समय जब पर्याप्त रोशनी नहीं होती, तब यह गड्ढा वाहन चालकों के लिए बड़ी परेशानी बन जाता है।

🌃 टर्निंग पॉइंट और अंधेरे की दोहरी मार…
चौपाटी सड़क के बिल्कुल किनारे और टर्निंग पॉइंट पर स्थित है। स्ट्रीट लाइट की उचित व्यवस्था नहीं होने के कारण शाम होते ही पूरा इलाक़ा लगभग अंधेरे में डूब जाता है, जिससे दुर्घटना की आशंका और अधिक बढ़ जाती है।

👨👩👧👦 बच्चों और परिवारों की सुरक्षा पर सवाल…
रोज़ाना सैकड़ों की संख्या में नगरवासी अपने परिवार के साथ चौपाटी पहुंचते हैं। सड़क किनारे वाहन खड़े करने की मजबूरी के कारण छोटे बच्चों, महिलाओं और बुज़ुर्गों के लिए यहां आना-जाना बेहद जोख़िम भरा हो गया है, लेकिन विकल्प के अभाव में लोग यह ख़तरा उठाने को मजबूर हैं।

⏳ पिछले कई वर्षों से भटक रहे चौपाटी दुकानदार…
चौपाटी में संचालित तमाम दुकानों के मालिक पिछले कई वर्षों से एक व्यवस्थित और सुरक्षित स्थान की मांग कर रहे हैं। ग्राम पंचायत शिवनंदनपुर हो या नगर पंचायत बिश्रामपुर, अब तक कोई भी इन ग़रीब दुकानदारों की मांग को पूरा करने में सफल नहीं हो सका है।
🚌 बस स्टैंड से शुरू हुई थी चौपाटी की कहानी…
शुरुआती दौर में चौपाटी बिश्रामपुर के बस स्टैंड में संचालित होती थी। लेकिन बस और टैक्सी यात्रियों को हो रही असुविधा के चलते स्थानीय प्रशासन द्वारा वहां से दुकानदारों को हटा दिया गया, बिना किसी स्थायी वैकल्पिक व्यवस्था के।

⚽ खेल मैदान से भी मिली बेदख़ली…
इसके बाद चौपाटी को बिश्रामपुर के इकलौते खेल मैदान (जगह के अभाव में) अय्यप्पा मंदिर ग्राउंड में स्थान मिला, लेकिन बच्चों के खेल, बड़े टूर्नामेंट और गंदगी की स्थिति को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने वहां से भी दुकानदारों को खदेड़ दिया।
📉 कभी विशाल थी चौपाटी, आज बिखर चुके सपने…
शुरुआती दौर में यह चौपाटी काफी विशाल हुआ करती थी, लेकिन बार-बार स्थान बदले जाने के कारण कई सक्षम दुकानदार या तो किराए पर दुकान लेकर, या फिर किसी दूसरी सड़क के किनारे अपनी दुकान लगाकर जीवन यापन करने को मजबूर हो गए। जबकि जो बिल्कुल ग़रीब किस्म के दुकानदार हैं, वे आज भी एक व्यवस्थित जगह की तलाश में उक्त सड़क किनारे दुकान लगाने को मजबूर हैं। पेट की आग और परिवार की ज़िम्मेदारी उन्हें यह सब करने पर विवश कर रही है।

📍 DAV स्कूल रिंग रोड बना मजबूरी का ठिकाना…
अंततः कोई और विकल्प न होने के कारण चौपाटी दुकानदारों ने DAV स्कूल स्थित रिंग रोड पर, प्रोजेक्ट ऑफिस के बाजू में अपनी दुकानों को संचालित करना शुरू किया। यहां न बिजली की समुचित व्यवस्था है और न ही पानी की, फिर भी मजबूरी में दुकानदार और ग्राहक दोनों रोज़ यहां पहुंचते हैं।
👀 सब देखते हैं, फिर भी खामोशी क्यों?
इस चौपाटी में चाहे ग्राम पंचायत शिवनंदनपुर हो, नगर पंचायत बिश्रामपुर हो या स्थानीय प्रशासन — लगभग सभी के परिवार के सदस्य, चाहे बच्चे हों, महिलाएं हों या बुज़ुर्ग, इसी इकलौती जोख़िम भरे चौपाटी में आकर इसका लुत्फ उठाते हैं। वे इस अव्यवस्था को लगभग रोज़ देखते हैं, इसके बावजूद न तो कोई ठोस व्यवस्था हो पा रही है और न ही इन ग़रीब चौपाटी दुकानदारों का दर्द किसी को सुनाई दे रहा है। यह चुप्पी अब एक सवाल बन चुकी है।

📢 अब भी इंतज़ार किसी बड़ी अनहोनी का?
नगरवासियों और दुकानदारों की स्पष्ट मांग है कि सड़क किनारे बने गड्ढे को भरा जाए, पर्याप्त रोशनी हो और पार्किंग की भी व्यवस्था की जाए तथा विश्रामपुर की इकलौती चौपाटी के लिए एक स्थायी, सुरक्षित और व्यवस्थित स्थान चिन्हित किया जाए, ताकि न ग़रीब दुकानदारों की रोज़ी-रोटी छिने और न ही आम जनता की सुरक्षा खतरे में पड़े।

