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Special report…
सुकमा | रिपोर्टर: विजय सिंह
‘पूना मार्गेम’ अभियान की बड़ी कामयाबी…
छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित सुकमा जिले में चल रहे “पूना मार्गेम – पुनर्वास से पुनर्जीवन” अभियान ने एक और बड़ी सफलता हासिल की है। गोगुंडा क्षेत्र में सक्रिय दरभा डिवीजन की केरलापाल एरिया कमेटी से जुड़े 29 माओवादी कैडरों ने हिंसा का रास्ता छोड़ते हुए सामूहिक रूप से आत्मसमर्पण किया।
वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में आत्मसमर्पण…
यह आत्मसमर्पण पुलिस अधीक्षक कार्यालय, सुकमा में
किरण चव्हाण (IPS), पुलिस अधीक्षक सुकमा, हिमांशु पाण्डे, कमांडेंट 74वीं वाहिनी CRPF, रोहित शाह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (नक्सल ऑप्स) एवं मनीष रात्रे, उप पुलिस अधीक्षक (नक्सल ऑप्स) की मौजूदगी में संपन्न हुआ।
सुरक्षा कैंप और ऑपरेशनों से टूटा नक्सली नेटवर्क…
पुलिस के अनुसार, गोगुंडा क्षेत्र में नए सुरक्षा कैंप की स्थापना, सघन सर्च ऑपरेशन और सुरक्षा बलों की मजबूत मौजूदगी से माओवादी संगठन पर जबरदस्त दबाव बना। इससे संगठन का सपोर्ट सिस्टम पूरी तरह कमजोर हुआ और कैडरों में मोहभंग पैदा हुआ।
केरलापाल एरिया कमेटी नक्सल मुक्त होने के करीब…
इस सामूहिक आत्मसमर्पण के बाद केरलापाल एरिया कमेटी अब नक्सल मुक्त होने के अंतिम चरण में पहुंच गई है, जिसे सुकमा जिले में स्थायी शांति की दिशा में बड़ा संकेत माना जा रहा है।
पुनर्वास नीति के तहत मिलेगा लाभ…
आत्मसमर्पित माओवादियों को छत्तीसगढ़ शासन की “नक्सलवादी आत्मसमर्पण/पीड़ित राहत एवं पुनर्वास नीति–2025” के तहत ₹50,000 प्रति व्यक्ति की प्रोत्साहन राशि एवं अन्य पुनर्वास सुविधाएं दी जाएंगी, ताकि वे सम्मानजनक जीवन जी सकें।
एसपी की अपील—हिंसा छोड़ें, विकास से जुड़ें…
पुलिस अधीक्षक किरण चव्हाण (IPS) ने शेष सक्रिय माओवादियों से अपील करते हुए कहा कि वे हिंसा और विनाश का रास्ता छोड़ें, ‘पूना मार्गेम’ अभियान से जुड़ें और शांति व विकास की मुख्यधारा में लौटें
[सुकमा एसपी किरण चव्हाण]
[हिमांशु पाण्डेय कमांडेंट सीआरपीएफ 74बटालियन]

