धान ख़रीदी में बड़ा खेल! 8000 बोरी गायब, समिति प्रबंधक और प्रशासन आमने-सामने…
कुंदी कला केंद्र में भारी अनियमितता! धान सत्यापन रिपोर्ट से मचा हड़कंप…
भारत समाचार 24×7.net…
विशेष रिपोर्ट…
✍️शब्बीर हसन…
अम्बिकापुर / 20 जनवरी 2026
सरगुजा ज़िले में धान ख़रीदी को लेकर एक बार फिर बड़ा विवाद सामने आया है। भौतिक सत्यापन में सामने आई भारी कमी के बाद अब समिति प्रबंधक और प्रशासन आमने-सामने हैं। एक ओर जहां समिति प्रबंधकों ने सत्यापन प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कलेक्टर से पुनः जांच की मांग की है, वहीं ज़िला प्रशासन इसे गंभीर अनियमितता मानते हुए सख़्त कार्रवाई के मूड में है।
दरअसल, सरगुजा ज़िले में खरीफ विपणन सीजन के तहत धान ख़रीदी की प्रक्रिया 31 जनवरी तक चलनी है और अभी भी समितियों से धान का उठाव जारी है। इसी बीच कुंदी कला धान उपार्जन केंद्र में नायब तहसीलदार निखिल श्रीवास्तव और संयुक्त जांच टीम द्वारा किए गए भौतिक सत्यापन में चौंकाने वाला खुलासा हुआ।
जांच टीम के अनुसार समिति में क़रीब 8000 बोरी, यानी लगभग 3200 क्विंटल धान की कमी पाई गई है। इस रिपोर्ट से असहमत होकर सरगुजा ज़िले के समिति प्रबंधक एकजुट हुए और कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा। समिति प्रबंधकों का कहना है कि जब तक धान का पूरा उठाव नहीं हो जाता, तब तक भौतिक सत्यापन करना उचित नहीं है।
बाइट–(समिति प्रबंधक / अध्यक्ष)
👉 “धान का उठाव अभी जारी है, ऐसे में किया गया सत्यापन ग़लत है। हम पुनः भौतिक सत्यापन की मांग कर रहे हैं।”
मामले ने उस समय राजनीतिक रंग भी ले लिया, जब पूर्व कांग्रेस ज़िलाध्यक्ष राकेश गुप्ता ने प्रशासनिक कार्रवाई पर सवाल खड़े किए और किसानों के हित में निष्पक्ष जांच की मांग की।
बाइट–(राकेश गुप्ता, पूर्व कांग्रेस ज़िलाध्यक्ष)
👉 “बिना पूरी प्रक्रिया के सत्यापन कर कार्रवाई करना ग़लत है। किसानों और समितियों के साथ अन्याय नहीं होना चाहिए।”
वहीं इस पूरे मामले पर सरगुजा कलेक्टर अजीत बसंत ने सख़्त रुख़ अपनाया है। उन्होंने साफ कहा है कि भौतिक सत्यापन के दौरान 3000 से 4000 बोरी धान की कमी सामने आई है, जिसे किसी भी स्थिति में नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता।
बाइट–(अजीत बसंत, कलेक्टर सरगुजा)
👉 “भौतिक सत्यापन में भारी कमी पाई गई है। यह गंभीर अनियमितता है और इस मामले में एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं।”
फिलहाल इस मामले में जांच और क़ानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अब देखना होगा कि पुनः सत्यापन होता है या प्रशासन की कार्रवाई और तेज़ होती है।

