सैकड़ों किलोमीटर दूर से लौटी उम्मीद, सूरजपुर पहुंचते ही भावुक हुए माता-पिता…
विशेष रिपोर्ट…
✍️शब्बीर हसन ! सूरजपुर | 05 फरवरी 2026
कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु स्थित एक संस्था में कई महीनों से रह रही एक बालिका को महिला एवं बाल विकास विभाग की सक्रियता से सकुशल ज़िला सूरजपुर (छत्तीसगढ़) वापस लाया गया।
कलेक्टर के निर्देशन में बनी विशेष टीम…
कलेक्टर श्री एस. जयवर्धन के निर्देश एवं ज़िला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग श्री शुभम बंसल के मार्गदर्शन में एक विशेष दल का गठन किया गया। दल में संरक्षण अधिकारी (ग़ैर संस्थागत देखरेख) एवं चाइल्ड लाइन सुपरवाइज़र को शामिल किया गया, जो बालिका के पिता के साथ 24 जनवरी 2026 को बेंगलुरु के लिए रवाना हुए।
बालिका गृह से सुरक्षित सुपुर्दगी…
दल 26 जनवरी 2026 को बेंगलुरु पहुंचा और बालिका गृह के अधिकारियों से समन्वय स्थापित कर सभी आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी की गईं। उसी दिन शाम 5 बजे बालिका को आधिकारिक रूप से दल के संरक्षण में लिया गया, जिसकी सूचना संबंधित ज़िला अधिकारियों को तत्काल दी गई।
बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुति…
31 जनवरी 2026 को बालिका को सुरक्षित रूप से सूरजपुर लाकर बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया। समिति द्वारा नियमानुसार कार्रवाई करते हुए बालिका को उसके माता-पिता के संरक्षण में सौंप दिया गया।
माता-पिता की आंखों में खुशी के आंसू…
अपनी पुत्री को सकुशल वापस पाकर माता-पिता भावुक नज़र आए। महिला एवं बाल विकास विभाग के सतत, संवेदनशील और समन्वित प्रयासों से बालिका का सुरक्षित पुनर्वास संभव हो सका।

