भारत समाचार 24×7.net…
✍️शब्बीर हसन…
अम्बिकापुर | विशेष संवाददाता
विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण के दौरान मतदाता सूची से कथित रूप से 1143 वैध मतदाताओं के नाम हटाने के आरोप ने सियासी पारा चढ़ा दिया है। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों पर सीधा हमला बताते हुए मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के नाम ज्ञापन सौंपा और पूरे मामले को “घोर लापरवाही” क़रार दिया है।
❗ “नियमों को ताक पर रखकर नाम विलोपित”…
कांग्रेस का आरोप है कि ऑनलाइन फॉर्म-7 का दुरुपयोग कर कई मतदाताओं को “मृत” या “अन्यत्र स्थानांतरित” दर्शाकर उनके नाम हटाने की अनुशंसा की गई। पार्टी का दावा है कि प्रभावित लोगों में निर्वाचित पार्षद, पूर्व पार्षद, बूथ-स्तरीय कार्यकर्ता और शासकीय सेवक तक शामिल हैं, जो वर्तमान में संबंधित वार्डों के निवासी हैं। नेताओं ने सवाल उठाया कि निर्वाचन नियमों के तहत शिकायतकर्ता का उसी मतदान केंद्र का मतदाता होना आवश्यक है, जबकि कई मामलों में यह मूल शर्त ही पूरी नहीं हुई।
⚖️ कांग्रेस की प्रमुख मांगें…
कांग्रेस ने प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग करते हुए कहा—
नियम-विरुद्ध भरे गए सभी फॉर्म-7 निरस्त किए जाएं।
पूरे प्रकरण की निष्पक्ष व समयबद्ध जांच हो।
दोषियों पर कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाए।
भविष्य में केवल नियमसम्मत आवेदनों को ही स्वीकार किया जाए। वैध मतदाताओं के नाम हटने से रोकने के लिए सख़्त सुरक्षा उपाय लागू हों। पार्टी ने यह भी चेतावनी दी है कि ग़लत जानकारी देकर आवेदन भरने वालों के ख़िलाफ एफआईआर दर्ज कराने की पहल की जाएगी।
🗳️ “लोकतंत्र की आधारशिला पर चोट”…
ज्ञापन सौंपने पहुंचे प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि मतदाता सूची की शुद्धता लोकतंत्र की बुनियाद है और किसी भी वैध मतदाता का नाम हटना नागरिक अधिकारों पर सीधा प्रहार है। हालांकि, समाचार लिखे जाने तक निर्वाचन अधिकारियों की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। अब पूरे जिले की नज़र प्रशासनिक जांच और कार्रवाई पर टिकी हुई है।

