92 हज़ार मीट्रिक टन एलपीजी लेकर भारत पहुंचने वाले हैं ‘शिवालिक’ और ‘नंदा देवी’, ऊर्जा आपूर्ति को मिलेगा बड़ा सहारा…
भारत समाचार 24×7.net…
विशेष रिपोर्ट…
अंतर्राष्ट्रीय डेस्क…
रविवार / 15 मार्च / 2026…
🔹 खाड़ी क्षेत्र में बढ़ता तनाव…
ईरान, इज़रायल और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के कारण खाड़ी क्षेत्र के कई समुद्री मार्गों पर ख़तरा बढ़ गया है। जिस रास्ते से दुनिया भर में कच्चे तेल और गैस का बड़ा हिस्सा भेजा जाता है, वहां हाल ही में कई तेल जहाज़ों पर मिसाइल हमले की घटनाएं सामने आई हैं। इन हालात को देखते हुए कई देशों ने सुरक्षा कारणों से अपने जहाज़ उस मार्ग पर भेजने से परहेज़ करना शुरू कर दिया है।
🔹 होर्मुज़ जलडमरूमध्य से सुरक्षित गुज़रते भारतीय जहाज़…
जिस समुद्री मार्ग को होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के नाम से जाना जाता है, वह वर्तमान समय में ईरान के प्रभाव क्षेत्र में आने के कारण बेहद संवेदनशील बना हुआ है। हालात इतने तनावपूर्ण हैं कि दुनिया के कई देशों ने अपने तेल जहाज़ों को इस रास्ते से भेजने से परहेज़ करना शुरू कर दिया है। ऐसे ख़तरनाक माहौल के बीच भारत के दोनों तेल टैंकर बेख़ौफ होकर इसी मार्ग से गुज़रते हुए सुरक्षित भारत की ओर बढ़ रहे हैं। बताया जा रहा है कि मौजूदा हालात को देखते हुए ईरान ने विशेष रूप से भारत के जहाज़ों को इस रास्ते से गुजरने की अनुमति दी है, जिसके चलते भारतीय तेल टैंकर बिना किसी बाधा के अपने गंतव्य की ओर बढ़ते हुए दिखाई दे रहे हैं। भारत के दो बड़े तेल एवं एलपीजी जहाज़ शिवालिक और नंदा देवी करीब 92 हज़ार मीट्रिक टन एलपीजी लेकर सुरक्षित रूप से भारतीय बंदरगाह की ओर बढ़ रहे हैं। यह खेप देश की ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
🔹 ख़तरे के बावजूद जारी रहा सफ़र…
बताया जा रहा है कि जिस समुद्री क्षेत्र से ये जहाज़ गुजर रहे हैं, वह (स्टेट आफ हार्मूज़) ईरान के प्रभाव क्षेत्र में आता है और वर्तमान तनाव के चलते वहां से तेल जहाज़ों का आना-जाना काफी जोख़िम भरा माना जा रहा है। कई देशों ने ख़तरे को देखते हुए अपने जहाज़ों की आवाजाही पर अस्थायी रोक भी लगा दी है।
🔹 मज़बूत कूटनीति का संकेत…
ऐसे मुश्किल हालात के बीच भारतीय जहाज़ों का सुरक्षित रूप से इस समुद्री मार्ग को पार करना भारत की मजबूत विदेश नीति और प्रभावी कूटनीति का संकेत माना जा रहा है। जब दुनिया के कई देश खतरे से बचने के लिए पीछे हट रहे थे, तब भारतीय जहाज़ तिरंगे की छांव में सुरक्षित तरीके से अपना सफर पूरा कर रहे हैं।
🔹 ऊर्जा आपूर्ति को मिलेगा सहारा…
विशेषज्ञों का मानना है कि इतनी बड़ी मात्रा में एलपीजी की आपूर्ति भारत पहुंचने से देश में ऊर्जा आपूर्ति की स्थिति और मज़बूत होगी। इससे आने वाले दिनों में संभावित गैस संकट की आशंकाएं भी काफी हद तक कम हो सकती हैं और आम लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है।

