बिश्रामपुर में ख़तरा बरकरार, कार्रवाई अब तक शून्य…
जांच के बाद भी नहीं बदली ज़मीनी हक़ीक़त…
हर बारिश के साथ बढ़ रहा ख़तरा…
लापरवाही कहीं न ले ले किसी की जान…
भारत समाचार 24×7.net…
विशेष रिपोर्ट…
✍️शब्बीर हसन…
5 अगस्त 2026 बुधवार…
सूरजपुर/बिश्रामपुर। रेलवे स्टेशन बिश्रामपुर के समीप स्थित एफसीआई गोदाम में लगभग 14 दिन पहले ठेकेदार और संबंधित विभाग की कथित लापरवाही के चलते निर्माणाधीन/खड़ी की गई दीवार शुरुआती बारिश में ही भरभराकर गिर गई थी। इस हादसे में आसपास के करीब सात मकान प्रभावित हुए थे, जिससे लोगों में दहशत का माहौल बन गया था। घटना के बाद ज़िला प्रशासन, पुलिस प्रशासन और संबंधित विभाग के अधिकारी मौक़े पर पहुंचे थे तथा प्रभावित परिवारों को मुआवजा दिलाने और शेष जर्जर दीवारों को हटाने का आश्वासन दिया गया था।

अधिकारियों ने किया था निरीक्षण, लेकिन आश्वासन ही रह गया…
घटना के दिन सूरजपुर एसडीएम शिवानी जायसवाल, नायब तहसीलदार मीना सिंह, लटोरी तहसीलदार, बिश्रामपुर थाना पुलिस तथा अन्य प्रशासनिक अधिकारी मौक़े पर पहुंचे थे। स्थानीय पत्रकारों ने भी इस गंभीर मामले को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने प्रभावित परिवारों को उचित सहायता और भविष्य में किसी दुर्घटना से बचाव के लिए आवश्यक क़दम उठाने की बात कही थी।

लिखित आवेदन के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई…
स्थानीय लोगों ने एसडीएम शिवानी जायसवाल को लिखित आवेदन देकर एफसीआई परिसर में मौजूद जर्जर दीवारों और खतरनाक स्थिति में खड़े नीलगिरी के पेड़ों को हटाने की मांग की थी। एसडीएम ने कार्रवाई का भरोसा भी दिया था, लेकिन लगभग 14 दिन बीत जाने के बावजूद न तो दीवारों को सुरक्षित किया गया, न ही ख़तरा बने पेड़ों को हटाया गया। इससे लोगों में प्रशासन और संबंधित विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर नाराज़गी बढ़ती जा रही है।

बारिश से कमज़ोर हुई पेड़ों की जड़ें, कभी भी हो सकता है बड़ा हादसा…
लगातार हो रही बारिश के कारण मिट्टी का कटाव तेज़ी से हो रहा है। एफसीआई गोदाम परिसर में खड़े बड़े नीलगिरी के पेड़ों की जड़ें कमज़ोर पड़ चुकी हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि तेज़ हवा या बारिश के दौरान यह पेड़ गिर गया, तो आसपास के मकानों, राहगीरों और बाजु में स्थित गली से आने-जाने वाले लोगों की जान जोखिम में पड़ सकती है। समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो बड़ा हादसा होने से इंकार नहीं किया जा सकता।

मुआवजा भी अधर में, एफसीआई प्रबंधन पर उठे सवाल…
दीवार गिरने से प्रभावित परिवारों को अब तक न तो उचित मुआवजा मिला है और न ही उनके नुकसान की भरपाई के लिए कोई ठोस पहल की गई है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि एफसीआई गोदाम बिश्रामपुर के मुख्य अधिकारी धनसाय मार्को सहित संबंधित विभाग ने अब तक प्रभावी क़दम नहीं उठाए हैं। इससे विभाग की जवाबदेही और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

क्या थी स्थानीय लोगों की मांग…
क्षेत्रवासियों ने ज़िला प्रशासन और एफसीआई प्रबंधन से मांग की थी कि जर्जर दीवारों को तत्काल हटाया जाए, ख़तरनाक पेड़ों की कटाई या सुरक्षित व्यवस्था कराई जाए तथा प्रभावित परिवारों को शीघ्र उचित मुआवजा दिया जाए। लोगों का कहना है कि प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतज़ार करने के बजाय समय रहते ठोस कार्रवाई करे।





