पहली नौकरी करने वाले युवाओं और नए कर्मचारियों की भर्ती करने वाले संस्थानों को मिल रहा आर्थिक प्रोत्साहन…
औपचारिक रोज़गार को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभा रही केंद्र की योजना…
युवाओं के रोज़गार और उद्योगों के विकास पर केंद्र सरकार का फोकस…
भारत समाचार 24×7.net…
विशेष रिपोर्ट…
✍️शब्बीर हसन…
6 अगस्त 2026 गुरुवार…
सूरजपुर। केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री विकसित भारत रोज़गार योजना (PM-VBRY) के माध्यम से देशभर में रोज़गार सृजन को बढ़ावा दिया जा रहा है। इस योजना का लाभ छत्तीसगढ़ के युवाओं और उद्योगों को भी मिल रहा है। योजना का उद्देश्य पहली बार नौकरी करने वाले युवाओं को प्रोत्साहित करना तथा नए कर्मचारियों की भर्ती करने वाले संस्थानों को आर्थिक सहायता प्रदान करना है।
योजना का उद्देश्य रोज़गार बढ़ाना और औपचारिक क्षेत्र को मज़बूत करना…
योजना के तहत पहली बार संगठित क्षेत्र में नौकरी करने वाले पात्र युवाओं को केंद्र सरकार की ओर से आर्थिक सहायता दी जाती है। वहीं, नए कर्मचारियों की नियुक्ति करने वाले पात्र नियोक्ताओं को भी प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाती है। इससे रोज़गार के नए अवसर सृजित होने के साथ-साथ औपचारिक रोज़गार को बढ़ावा मिल रहा है।
ईपीएफओ से जुड़ी नौकरियों को मिलेगा लाभ…
इस योजना का लाभ मुख्य रूप से उन कर्मचारियों और संस्थानों को मिलता है जो ईपीएफओ (EPFO) से जुड़े हैं और योजना की निर्धारित पात्रता शर्तों को पूरा करते हैं। पात्रता के अनुसार कर्मचारी और नियोक्ता दोनों को अलग-अलग श्रेणियों में प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाती है।
रोज़गार सृजन की दिशा में महत्वपूर्ण पहल…
केंद्र सरकार का मानना है कि यह योजना उद्योगों को अधिक से अधिक युवाओं को रोज़गार देने के लिए प्रेरित करेगी। साथ ही पहली बार नौकरी करने वाले युवाओं को आर्थिक सहायता मिलने से उन्हें अपने करियर की शुरुआत में सहयोग मिलेगा। इससे देश में रोज़गार के अवसर बढ़ाने और अर्थव्यवस्था को मज़बूती देने में मदद मिलेगी।
छत्तीसगढ़ के उद्योगों और युवाओं के लिए अवसर…
प्रदेश के औद्योगिक संस्थानों, निजी कंपनियों तथा संगठित क्षेत्र में कार्यरत प्रतिष्ठानों के लिए यह योजना लाभकारी साबित हो रही है। पात्र युवा और संस्थान योजना की शर्तों के अनुसार आवेदन कर इसका लाभ प्राप्त कर सकते हैं। सरकार का लक्ष्य अधिक से अधिक युवाओं को औपचारिक रोजगार से जोड़ना और रोजगार सृजन को गति देना है।

