जयनगर में खाद स्टॉक को लेकर बड़ा मामला…
जांच के उपरांत और भी कई नाम आने की संभावना…
भारत समाचार 24×7.net…
विशेष रिपोर्ट…
✍️शब्बीर हसन…
सूरजपुर। ज़िले के जयनगर थाना क्षेत्र में खाद के स्टॉक में कथित गड़बड़ी का मामला सामने आया था। मामले में पुलिस ने आदिम जाति सेवा सहकारी समिति मर्यादित जयनगर के तत्कालीन प्रभारी समिति प्रबंधक एवं खाद स्टॉक प्रभारी श्यामलाल प्रजापति को गिरफ़्तार कर जांच शुरू कर दी है।
6405 बोरी खाद के स्टॉक में अंतर…
एफआईआर के अनुसार, समिति के गोदाम में उपलब्ध खाद के भौतिक स्टॉक और रिकॉर्ड में दर्ज स्टॉक का सत्यापन किया गया था। जांच के दौरान डीएपी, यूरिया सहित अन्य खाद की बोरियों के स्टॉक में अंतर पाए जाने का उल्लेख किया गया है।
74 लाख 66 हज़ार रुपये से अधिक की गड़बड़ी…
दस्तावेज़ में कुल 6405 बोरी खाद से संबंधित गड़बड़ी का उल्लेख है, जिसकी क़ीमत क़रीब 74 लाख 66 हज़ार 362 रुपये बताई गई है। जांच में स्टॉक में भारी कमी सामने आने के बाद मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित ज़िम्मेदार कर्मचारी के विरुद्ध कार्रवाई की गई।
शिकायत के बाद जांच, फिर दर्ज हुई FIR…
मामले की शिकायत ज़िला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित शाखा बिश्रामपुर के शाखा प्रबंधक द्वारा की गई थी। इसके बाद जांच दल द्वारा समिति के खाद स्टॉक का निरीक्षण कर रिपोर्ट प्रस्तुत की गई। जांच रिपोर्ट और संबंधित विभागीय पत्राचार के आधार पर पुलिस ने अपराध दर्ज किया।
BNS की धारा 316(5) के तहत मामला…
जयनगर पुलिस ने अपराध क्रमांक 0261/2026 दर्ज करते हुए भारतीय न्याय संहिता की धारा 316(5) के तहत कार्रवाई शुरू की है। पुलिस अब मामले से जुड़े दस्तावेज़, स्टॉक रजिस्टर और अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है।
जांच के बाद स्पष्ट होगी पूरी तस्वीर…
फिलहाल एफआईआर में लगाए गए आरोपों के आधार पर पुलिस ने जांच शुरू की है। मामले में आगे की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि खाद स्टॉक में कमी किन परिस्थितियों में हुई और इसके लिए कौन ज़िम्मेदार है।
भारत समाचार की लगातार ख़बरों का असर…
खाद स्टॉक में कथित घोटाले को लेकर भारत समाचार के साथ-साथ कई स्थानीय न्यूज एजेंसियों ने समिति प्रभारी के ख़िलाफ लगातार प्रमुखता से ख़बरें प्रकाशित और प्रसारित कर पूरे मामले को सामने लाया था। अब पुलिस द्वारा एफआईआर दर्ज किए जाने के बाद मामले में कार्रवाई का रास्ता साफ हुआ है। माना जा रहा है कि जांच आगे बढ़ने के साथ-साथ और भी कई ज़िम्मेदार लोगों पर शिकंजा कस सकता है और यदि आरोप जांच में सही साबित होते हैं तो आरोपी श्यामलाल के साथ-साथ और भी कई लोग सलाखों के पीछे नज़र आ सकते हैं। भारत समाचार जनहित से जुड़े ऐसे मामलों को लगातार प्रमुखता से उठाता रहेगा।






