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अमेरिका द्वारा वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी के बाद अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल तेज़ है, और इसी बीच भारत की सियासत में भी इस घटना की गूंज सुनाई देने लगी है। AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने इस कार्रवाई को आधार बनाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सीधा और तीखा सवाल दागा है।
“ट्रंप कर सकता है तो मोदी क्यों नहीं?”
अमेरिका द्वारा वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी के बाद अंतरराष्ट्रीय राजनीति में भूचाल आ गया है। इसी घटना को आधार बनाकर AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने भारत सरकार पर सीधा और तीखा हमला बोला है।
मादुरो की गिरफ्तारी से उठा सवाल…
ओवैसी ने कहा कि जब अमेरिका अपनी सेना भेजकर किसी दूसरे देश के चुने हुए राष्ट्रपति को उसके घर से उठाकर न्यूयॉर्क ले जा सकता है, तो भारत अपने सबसे बड़े दुश्मनों के खिलाफ ऐसा कदम क्यों नहीं उठा सकता?
मुंबई से मोदी सरकार को खुली चुनौती…
मुंबई में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ओवैसी ने कहा कि मुंबई आतंकी हमलों के गुनहगार आज भी पाकिस्तान में खुलेआम घूम रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर मसूद अजहर और लश्कर-ए-तैयबा के आतंकियों को अब तक क्यों नहीं पकड़ा गया?
“56 इंच का सीना है तो करके दिखाइए”…
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पुराने ‘56 इंच सीना’ वाले बयान पर तंज कसते हुए ओवैसी ने भावुक अंदाज़ में कहा—
“अगर वाकई 56 इंच का सीना है, तो मसूद अजहर को पाकिस्तान से उठाकर लाइए। जब डॉनल्ड ट्रंप ये कर सकता है, तो क्या नरेंद्र मोदी कम हैं?”

ट्रंप मॉडल की याद दिलाई…
ओवैसी ने कहा कि ट्रंप ने दिखा दिया कि ताकतवर देश अपने दुश्मनों को कहीं से भी पकड़ सकते हैं। जब अमेरिका ये कर सकता है, सऊदी अरब यमन में बमबारी कर सकता है, तो भारत क्यों सिर्फ बयान देने तक सीमित है?
‘अबकी बार ट्रंप सरकार’ पर भी तंज…
ओवैसी ने प्रधानमंत्री मोदी के उस नारे की भी याद दिलाई, जो उन्होंने अमेरिका में दिया था— ‘अबकी बार ट्रंप सरकार’।
उन्होंने कहा, “जब आपने ट्रंप का समर्थन किया था, तो अब ट्रंप जैसी कार्रवाई करने का साहस भी दिखाइए।”
आतंकवाद पर सिर्फ भाषण नहीं, एक्शन चाहिए…
ओवैसी ने कहा कि देश की जनता भाषण नहीं, इंसाफ चाहती है। मुंबई की सड़कों पर खून बहाने वालों को सज़ा दिलाना सरकार की ज़िम्मेदारी है, और अब वक्त आ गया है कि आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक कदम उठाया जाए।
राजनीति से आगे, देश की भावना का सवाल…
यह बयान ऐसे समय आया है जब देश में आतंकवाद और राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर गहरी संवेदनाएं जुड़ी हैं। ओवैसी का यह बयान सरकार के लिए सीधी चुनौती बनकर सामने आया है—क्या भारत भी अब अपने दुश्मनों को उनके घर से उठाकर लाने का साहस दिखाएगा?

