भिलाई में कांग्रेस की अजीब पहल: चूहों की रैली और इनामों की बरसात…
राजनीति या नौटंकी? भिलाई में कांग्रेस की चूहा सम्मान रैली पर सवाल…
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✍️ shabbir hasan…
भिलाई। 18 जनवरी 2026
छत्तीसगढ़ की सियासत में एक बार फिर अजीबो-ग़रीब आयोजन चर्चा में है। भिलाई में कांग्रेस द्वारा आयोजित तथाकथित “चूहा सम्मान रैली” ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। यह रैली राजेंद्र प्रसाद चौक से सुपेला घड़ी चौक तक लगभग दो किलोमीटर निकाली गई। इस कार्यक्रम में विधायक ने बाक़ायदा चूहों को प्रतियोगी बनाकर विजेता घोषित किया और उन्हें पुरस्कार देकर सम्मानित किया।

कवर्धा के चूहे अव्वल, महासमुंद के चूहे उपविजेता…
रैली के दौरान प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें कवर्धा से आए चूहों को पहला पुरस्कार दिया गया, जबकि महासमुंद के चूहे दूसरे स्थान पर रहे। आयोजन में कांग्रेस कार्यकर्ताओं की मौजूदगी के बीच यह दृश्य लोगों के लिए हैरानी और हास्य का विषय बना रहा। राजनीतिक गलियारों में इस कार्यक्रम को लेकर तीख़ी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। विपक्ष ने इसे जनता के मुद्दों से ध्यान भटकाने वाला “राजनीतिक नौटंकी” क़रार दिया है, वहीं सोशल मीडिया पर यह आयोजन तेज़ी से वायरल हो रहा है।

धान घोटाले का ठीकरा चूहों पर फोड़ने का आरोप…
कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि कवर्धा में करीब 7 करोड़ और महासमुंद में लगभग 5 करोड़ रुपये का धान “चूहों द्वारा खाने” की बात कहकर असली दोषियों को बचाने की कोशिश की जा रही है। कांग्रेस ने इसे बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार बताते हुए कहा कि ग़रीब किसानों के धान का पैसा घोटाले की भेंट चढ़ गया।

‘भ्रष्टाचार छिपाने चूहों की बलि’…
ज़िला कांग्रेस अध्यक्ष मुकेश चंद्राकर ने कहा कि प्रदेश में हो रहे भ्रष्टाचार को छिपाने के लिए चूहों को बलि का बकरा बनाया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि दुर्ग नगर निगम में अधिकारी सरकारी कर्मचारियों से निजी काम करवा रहे हैं और विरोध करने पर कार्रवाई की जा रही है।

निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग…
विधायक देवेंद्र यादव ने कहा कि गंभीर मुद्दे को हास्यास्पद बनाना शर्मनाक है। कांग्रेस ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर पूरे मामले की उच्चस्तरीय निष्पक्ष जांच, दोषियों के नाम सार्वजनिक करने और सख़्त कार्रवाई की मांग की है।

सोशल मीडिया पर उड़ा मज़ाक…
कार्यक्रम की तस्वीरें और वीडियो सामने आने के बाद लोग सवाल उठा रहे हैं कि जब प्रदेश बेरोज़गारी, महंगाई और मूलभूत समस्याओं से जूझ रहा है, तब कांग्रेस इस तरह के आयोजनों के ज़रिये क्या संदेश देना चाहती है।


