जब धान नहीं बिका तो टावर बना मंच, 3 घंटे तक चला किसान का हाई वोल्टेज विरोध…
भारत समाचार 24×7.net…
विशेष रिपोर्ट…
✍️शब्बीर हसन ! जांजगीर-चांपा ! 31 जनवरी 2026
📍 पूरा मामला क्या है…
धान बेचने का टोकन न मिलने से परेशान एक किसान ने शनिवार को हद पार कर दी। आक्रोशित किसान गांव के पास लगे 120 फीट ऊँचे हाई-टेंशन बिजली टावर पर चढ़ गया और नीचे उतरने से इनकार कर दिया।

⏰ 3 घंटे तक सांसें थामे रहा इलाक़ा…
सुबह से शुरू हुआ यह ड्रामा क़रीब 3 घंटे तक चला। टावर पर बैठा किसान बार-बार यही कहता रहा—
“जब तक मेरा धान नहीं बिकेगा, मैं नीचे नहीं उतरूंगा।”

😢 नीचे पत्नी की गुहार, ऊपर किसान का गुस्सा…
किसान की पत्नी नीचे खड़ी होकर लगातार रोती-गिड़गिड़ाती रही, लेकिन आर्थिक तंगी और प्रशासनिक अनदेखी से टूट चुका किसान अपनी ज़िद पर अड़ा रहा।

🚓 मौक़े पर पुलिस-प्रशासन में मची अफ़रा-तफ़री…
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासनिक अधिकारी और बिजली विभाग की टीम मौक़े पर पहुंची। किसी अनहोनी से बचने के लिए टावर के नीचे सुरक्षा इंतज़ाम भी किए गए।

🤝 समझाइश के बाद टला बड़ा हादसा…
काफी देर की मशक्कत और आश्वासन के बाद किसान को समझाइश देकर सुरक्षित नीचे उतारा गया। इसके बाद उसे स्वास्थ्य जांच के लिए अस्पताल भेजा गया।

❗ सिस्टम पर उठे गंभीर सवाल…
इस घटना ने एक बार फिर धान ख़रीदी व्यवस्था और टोकन सिस्टम की ख़ामियों को उजागर कर दिया है। सवाल यह है कि आख़िर किसान को अपने हक़ के लिए जान जोख़िम में क्यों डालनी पड़ रही है?



