भारत समाचार24×7.net…
✍️शब्बीर हसन…
छत्तीसगढ़ | विशेष रिपोर्ट
छत्तीसगढ़ की कई धान समितियों से पत्रकारों के साथ दुर्व्यवहार, धमकी और रिपोर्टिंग में बाधा की लगातार शिकायतें सामने आने के बाद मीडिया सम्मान परिवार, छत्तीसगढ़ ने धान समिति प्रबंधकों को कड़ी सार्वजनिक चेतावनी जारी की है। संगठन ने साफ शब्दों में कहा है कि पत्रकारों के सम्मान और प्रेस की स्वतंत्रता पर किसी भी तरह का हमला अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
कैमरे से डर क्यों? सिस्टम पर उठे सवाल…
चेतावनी पत्र में कहा गया है कि यदि समितियाँ पारदर्शी हैं तो कैमरे और सवालों से डरने की जरूरत नहीं। पत्रकार कोई अपराध नहीं कर रहे, बल्कि किसानों से जुड़े मुद्दों को सामने ला रहे हैं। पत्रकारों को “मान्यता” के नाम पर रोकना या धमकाना पूरी तरह गलत सोच है।
रिपोर्टिंग रोकने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी…
मीडिया सम्मान परिवार ने स्पष्ट किया है कि यदि भविष्य में किसी भी धान समिति में पत्रकारों से गाली-गलौच, कैमरा या मोबाइल छीनना, रिपोर्टिंग रोकना, धमकी देना या धक्का-मुक्की जैसी घटनाएं हुईं तो इसे व्यक्तिगत विवाद नहीं बल्कि लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन और प्रेस स्वतंत्रता पर हमला माना जाएगा।
नाम उजागर होंगे, वीडियो होंगे सार्वजनिक…
संगठन ने चेताया है कि ऐसी किसी भी घटना की स्थिति में दोषियों के नाम सार्वजनिक किए जाएंगे, वीडियो जारी होंगे और जिला से लेकर राज्य स्तर तक शिकायतें दर्ज कराई जाएंगी। जरूरत पड़ने पर कानूनी कार्रवाई से भी पीछे नहीं हटेंगे।
विज्ञापन बंद कराने की धमकी गैरकानूनी…
चेतावनी में यह भी साफ किया गया है कि विज्ञापन देना या न देना समिति का अधिकार हो सकता है, लेकिन उसी आधार पर पत्रकारों को डराना या अपमानित करना कानूनन अपराध है।
सम्मान और संवाद की अपील…
मीडिया सम्मान परिवार ने कहा कि वह टकराव नहीं, बल्कि सम्मान, संवाद और पारदर्शिता चाहता है। लेकिन पत्रकारों को कमजोर समझने की भूल भारी पड़ सकती है।

