🌊दोस्त को बचाने में दो मासूम डैम में समाए, पूरा सूरजपुर ग़मगीन…
भारत समाचार 24×7.net…
विशेष रिपोर्ट…
✍️शब्बीर हसन…
सूरजपुर ! रामनगर ! 8 फरवरी 2026
सूरजपुर ज़िला अंतर्गत ग्राम पंचायत रामनगर के समीप स्थित डैम में आज दोपहर करीब 2:30 बजे नहाने गए सात बच्चों में से दो मासूम बच्चों की डूबने से दर्दनाक घटना सामने आई। घटना के बाद से पूरे क्षेत्र में शोक और सन्नाटा पसरा हुआ है।

डूबने वाले बच्चों की पहचान…
अयान इराकी (14 वर्ष) पिता जावेद इराकी, निवासी जयनगर ग्राम पंचायत के रूप में हुई है। अयान कार्मेल कॉन्वेंट इंग्लिश मीडियम स्कूल में कक्षा 9वीं का छात्र था। दूसरा बच्चा मोहम्मद आदिल (11 वर्ष) पिता सेराज आलम, जो मनेंद्रगढ़ में मदरसे की पढ़ाई करता था। आदिल शबे-ए-बरात पर्व की छुट्टी में अपने ननिहाल विश्रामपुर आया हुआ था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार नहाने के दौरान 11 वर्षीय आदिल गहरे पानी में जाने लगा। उसे डूबता देख अयान ने बिना अपनी जान की परवाह किए उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन दुर्भाग्यवश दोनों ही गहरे पानी में समा गए। मौक़े पर मौजूद अयान का बड़ा भाई आवेश और अन्य साथियों ने भी उन्हें बचाने का भरसक प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिल सकी। घटना के फ़ौरन बाद साथियों ने कॉल के ज़रिए परिजनों को जानकारी दी। कुछ ही देर में सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। सूचना पर विश्रामपुर थाना पुलिस मौक़े पर पहुंची और एसडीआरएफ टीम को बुलाया गया। क़रीब शाम 5:30 बजे एसडीआरएफ टीम ने रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया, लेकिन अंधेरा, ठंड और संसाधनों की कमी के कारण रात में तलाश संभव नहीं हो सकी। इसके चलते तलाशी अभियान अस्थायी रूप से स्थगित कर दिया गया है। प्रशासन ने बताया कि कल सुबह अतिरिक्त संसाधनों और बड़ी टीम के साथ फिर से सघन खोज अभियान चलाया जाएगा।

⚠️ डैम बना मौत का गड्ढा,,प्रशासन की लापरवाही पर गंभीर सवाल…
इस डैम में पहले भी नहाने के दौरान डूबने की घटनाएं सामने आती रही हैं, इसके बावजूद न तो डैम क्षेत्र को प्रतिबंधित घोषित किया गया, ना चेतावनी बोर्ड लगाए गए, और ना ही कोई स्थायी सुरक्षा व्यवस्था की गई। लगातार हो रहे हादसों के बावजूद प्रशासन की यह उदासीनता मासूम ज़िन्दगियों के लिए ख़तरा बनती जा रही है।

सुझाव…
डैम क्षेत्र को तत्काल नो-एंट्री ज़ोन घोषित किया जाए, स्पष्ट चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं, स्थायी सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था सुनिश्चित हो, ताकि भविष्य में कोई और परिवार इस तरह उजड़ने से बच सके।

