भारत समाचार 24×7.net…
विशेष रिपोर्ट…
रिपोर्टर-विजय सिंह…
लोकेशन: कवर्धा (छत्तीसगढ़)
कवर्धा: केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी जल जीवन मिशन योजना का उद्देश्य हर घर तक शुद्ध पेयजल पहुंचाना और ख़ासकर महिलाओं व बच्चों को दूर-दराज़ से पानी ढोने की मजबूरी से राहत दिलाना था। लेकिन छत्तीसगढ़ के क़बीरधाम ज़िले में इस योजना की ज़मीनी हक़ीक़त कुछ और ही नज़र आ रही है।

कागज़ों में पूरी, ज़मीन पर अधूरी योजना…
ज़िले के कई ग्रामीण इलाक़ों में पानी टंकियों का निर्माण और पाइपलाइन बिछाने का काम कागज़ों में लगभग पूरा दिखाया जा रहा है। हर घर में नल कनेक्शन भी दे दिया गया है, लेकिन हैरानी की बात यह है कि निर्माण कार्य पूरा हुए 4 से 5 साल गुज़र जाने के बाद भी नलों से एक बूंद पानी तक नहीं निकल रहा है।
एक-एक बूंद के लिए तरस रहे ग्रामीण…
ग्रामीणों का आरोप है कि अधिकारियों और ठेकेदारों की लापरवाही के चलते लोग आज भी एक-एक बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं। हालात ऐसे हैं कि गांव के लोग अब भी दूर-दराज़ के स्रोतों और नदियों से पानी लाने को मजबूर हैं।
जवाब देने से बच रहे ज़िम्मेदार…
ग्रामीणों का कहना है कि जब इस संबंध में अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से सवाल किया जाता है तो वे जवाब देने से बचते नज़र आते हैं। ऐसे में सवाल उठने लगा है कि कहीं केंद्र सरकार की यह महत्वाकांक्षी योजना क़बीरधाम ज़िले में सिर्फ कागज़ों तक ही सीमित होकर न रह जाए।
बाइट – महासिंह (ग्रामीण)
बाइट – शुद्ध राम (ग्रामीण)

