बिश्रामपुर रेलवे स्टेशन पर हंगामा, सफाई कर्मचारियों ने काम रोका…

“ज़िंदा गाड़ दूंगा!”—सफाई कर्मचारी का सनसनीखेज़ आरोप, अपर कलेक्टर पर मारपीट से बिश्रामपुर में बवाल…

पूर्व में भी जगन्नाथ वर्मा पर लग चुके हैं मारपीट के आरोप…

भारत समाचार 24×7.net…

विशेष रिपोर्ट…

✍️शब्बीर हसन…

18 अगस्त 2026 मंगलवार…

सूरजपुर ज़िले के बिश्रामपुर रेलवे स्टेशन पर इन दिनों मरीज़ों को निशुल्क चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करा रही लाइफ लाइन एक्सप्रेस के दौरान मंगलवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब सफाई व्यवस्था में लगे एक प्लेसमेंट कर्मचारी ने अपर कलेक्टर जगन्नाथ वर्मा पर मारपीट, गाली-गलौज और धमकी देने जैसे गंभीर आरोप लगाए। घटना के बाद आक्रोशित सफाई कर्मचारियों ने काम बंद कर पीड़ित कर्मचारी के समर्थन में बिश्रामपुर थाने का रुख़ किया।

“कर्मचारी की तबीयत ख़राब है”… इतना सुनते ही भड़के अधिकारी?

पीड़ित सफाई कर्मचारी आकाश सिन्हा के अनुसार, वह सुबह बिश्रामपुर रेलवे स्टेशन परिसर में सफाई कार्य में जुटा था। इसी दौरान अपर कलेक्टर जगन्नाथ वर्मा निरीक्षण के लिए पहुंचे और उन्होंने एक अन्य सफाई कर्मचारी के बारे में पूछा। आकाश ने कथित तौर पर बताया कि संबंधित कर्मचारी की तबीयत ख़राब है, इसलिए वह ड्यूटी पर नहीं आया है। आरोप है कि इसी जवाब पर अपर कलेक्टर आक्रोशित हो गए और उन्होंने आकाश के साथ गाली-गलौज करते हुए थप्पड़ मार दिया।

ज़िंदा गाड़ दूंगा!” — कर्मचारी का सनसनीखेज़ आरोप…

पीड़ित कर्मचारी का आरोप है कि विरोध करने पर अधिकारी का गुस्सा और बढ़ गया। आकाश के मुताबिक़, उसे ज़मीन में ज़िंदा गाड़ देने जैसी धमकी दी गई और कथित तौर पर लात-घूंसों से भी मारपीट की गई। घटना के इस आरोप ने पूरे मामले को बेहद गंभीर बना दिया है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और आधिकारिक जांच का निष्कर्ष अभी सामने आना बाक़ी है।

मोबाइल से वीडियो बनाने की कोशिश… कथित तौर पर मोबाइल ज़मीन पर पटककर तोड़ा…

घटना के दौरान वहां मौजूद एक अन्य सफाई कर्मचारी ने कथित तौर पर अपने मोबाइल फोन से घटनाक्रम रिकॉर्ड करने की कोशिश की। आरोप है कि अधिकारी ने उसका मोबाइल छीन लिया और जमीन पर पटककर क्षतिग्रस्त कर दिया। यदि यह आरोप जांच में सही पाया जाता है तो मामला केवल मारपीट तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि मोबाइल क्षतिग्रस्त करने और कथित धमकी का पहलू भी जांच के दायरे में आएगा।

डर के मारे कर्मचारी हटे पीछे, फिर एकजुट हुआ पूरा सफाई अमला…

आरोप है कि घटनाक्रम के बाद सफाई कर्मचारी मौक़े से दूर हट गए। कुछ देर बाद वहां कार्यरत अन्य सफाई कर्मचारी भी एकजुट हुए और उन्होंने काम बंद करने का निर्णय लिया। कर्मचारियों ने साफ कर दिया कि वे अपने साथी के साथ कथित मारपीट के मामले में समझौता करने के बजाय कार्रवाई की मांग करेंगे।

बिश्रामपुर थाने पहुंचा सफाई अमला, FIR की मांग…

इसके बाद पीड़ित कर्मचारी सहित बड़ी संख्या में सफाई कर्मचारी बिश्रामपुर थाने पहुंचे और अपर कलेक्टर के ख़िलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की। कर्मचारियों का आरोप है कि प्रशासनिक अधिकारी के ख़िलाफ मामला होने के कारण पुलिस एफआईआर दर्ज करने को लेकर असहज नज़र आई। हालांकि, कर्मचारियों द्वारा दिया गया आवेदन स्वीकार किया गया और उसकी पावती भी दी गई।

थाने में बढ़ती गई भीड़, अधिकारी-पदाधिकारी पहुंचे…

मामले की गंभीरता बढ़ने के साथ बिश्रामपुर नगर पंचायत सीएमओ, शिवनंदनपुर नगर पंचायत सीएमओ, तहसीलदार, दोनों नगर पंचायतों के अध्यक्ष सहित संबंधित अधिकारी-कर्मचारी थाने पहुंचे। बताया जा रहा है कि अधिकारियों की ओर से पीड़ित पक्ष को समझाने और मामले को शांत कराने का प्रयास किया गया, लेकिन कर्मचारी कथित मारपीट के मामले में कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे।

समझौते से इनकार, अब कलेक्टर के दरबार में पहुंचा मामला…

काफी देर तक चली बातचीत के बाद मामला सूरजपुर कलेक्टर रेना जमील तक पहुंचा। इसके बाद पीड़ित पक्ष को ज़िला मुख्यालय स्थित कलेक्टर कार्यालय बुलाए जाने की जानकारी सामने आई है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच होगी या नहीं और आरोप सही पाए जाने पर संबंधित अधिकारी के ख़िलाफ क्या कार्रवाई की जाएगी?

पहले भी लग चुके हैं मारपीट के आरोप…

ग़ौरतलब है कि जुलाई 2024 में तत्कालीन सूरजपुर SDM रहते हुए जगन्नाथ वर्मा पर एक पत्रकार और कांग्रेस कार्यकर्ताओं से मारपीट तथा पत्रकार का मोबाईल तोड़ने के आरोप लगे थे। घटना CCTV में क़ैद होने की बात सामने आई थी और मामले में प्रदेश कांग्रेस ने जांच कमेटी भी गठित की थी। इसके बाद एक किसान ने भी तत्कालीन SDM पर बदसलूकी और धमकी देने का आरोप लगाया था, हालांकि जगन्नाथ वर्मा ने किसान के आरोपों को ख़ारिज कर दिया था।

अब बड़ा सवाल—अधिकारी पर होगी कार्रवाई या मामला फाइलों में दब जाएगा?

बिश्रामपुर की इस घटना ने एक बार फिर प्रशासनिक अधिकारियों के आचरण और अधीनस्थ कर्मचारियों के साथ व्यवहार को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल सफाई कर्मचारी के आरोपों की जांच और पुलिस की आगामी कार्रवाई का इंतज़ार है। क्या अपर कलेक्टर के ख़िलाफ अपराध दर्ज होगा? क्या कथित मारपीट की निष्पक्ष जांच होगी? क्या दोष सिद्ध होने पर कार्रवाई होगी, या फिर मामला बातचीत और कागज़ी कार्रवाई तक सीमित रह जाएगा?

भारत समाचार 24×7 की नज़र पूरे मामले पर बनी हुई है। संबंधित अधिकारी का पक्ष और जांच के निष्कर्ष सामने आने पर ख़बर को अपडेट किया जायेगा।

By Gulam Shabbir Hasan

Journalist | News Reporter | Content Creator Gulam Shabbir Hasan is an experienced Indian journalist associated with Bharat Samachar and Hamari Sarkar Daily Newspaper. With a strong background in news reporting, field coverage, and investigative journalism, he is dedicated to delivering accurate, unbiased, and timely news to the public. He specializes in news writing, reporting, and interviews, with a keen ability to connect with people through strong communication and public interaction skills. Alongside traditional journalism, he is actively involved in social media content creation, ensuring news reaches a wider digital audience. Fluent in Hindi, English, and Urdu, Gulam Shabbir Hasan brings linguistic versatility and cultural sensitivity to his reporting. Beyond journalism, he has a deep interest in singing, poetry, and ghazals, which reflects his creative and expressive personality. 📍 Location: Surajpur, Chhattisgarh 📞 Contact: +91 83197 69851 | +91 99261 91754 📧 Email: shabbirhasan512@gmail.com

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