रेल परियोजना के बदले रूट पर बवाल, पुराने मार्ग को लेकर अमरदीप मिंज ने खोला मोर्चा…
पुराने सर्वे और अधिगृहीत ज़मीन का हवाला, रेल रूट में बदलाव की जांच की मांग…
भारत समाचार 24×7.net…
विशेष रिपोर्ट…
✍️शब्बीर हसन…
बलरामपुर। अम्बिकापुर–बरवाडीह रेल परियोजना के सर्वे रूट में बदलाव को लेकर भाजपा नेता अमरदीप मिंज ने केंद्रीय रेल मंत्री को ज्ञापन सौंपकर पुराने बरवाडीह–चिरमिरी रेल मार्ग के सरनाडीह से बिन्दा तक क़रीब 40 किलोमीटर लंबे खंड को बहाल करने और बलरामपुर शहर को रेल जंक्शन बनाने की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि नए सर्वे में पुराने मार्ग को हटाकर रामानुजगंज से तेवाली-बिन्दा तक नया मार्ग प्रस्तावित किया गया है।
पुराने मार्ग को हटाने पर उठे सवाल…
ज्ञापन में कहा गया है कि 26 मई 2026 को अम्बिकापुर–बरवाडीह रेल लाइन तथा रामानुजगंज–गढ़वा रोड जंक्शन मार्ग के संबंध में निर्माण अधिसूचना जारी हुई थी। रामानुजगंज–गढ़वा रोड खंड को लेकर स्थानीय स्तर पर कोई विरोध नहीं है, लेकिन अम्बिकापुर–बरवाडीह मार्ग में पुराने सरनाडीह–बिन्दा खंड को हटाए जाने पर आपत्ति जताई गई है। मिंज के अनुसार, ब्रिटिश शासनकाल में 1936 से बरवाडीह–चिरमिरी रेल मार्ग की योजना पर काम शुरू हुआ था। सरनाडीह क्षेत्र में रेलवे के नाम दर्ज भूमि के साथ अर्थवर्क, पुल-पुलिया और अन्य निर्माण कार्य किए जाने का भी ज्ञापन में उल्लेख किया गया है।
बलरामपुर को जंक्शन बनाने की मांग…
भाजपा नेता ने मांग की है कि रामानुजगंज से तेवाली-बिन्दा तक प्रस्तावित नए 40 किलोमीटर खंड की समीक्षा कर पुराने बरवाडीह–चिरमिरी मार्ग के सरनाडीह, रामनगर, सालो, नवका होते हुए बिन्दा तक के खंड को बहाल किया जाए। साथ ही बलरामपुर शहर को इस रेल मार्ग पर जंक्शन का दर्जा देकर बेहतर कनेक्टिविटी उपलब्ध कराई जाए।
रेल मंत्रालय से पुनः अधिसूचना की मांग…
ज्ञापन में रेलवे की पूर्व अधिगृहीत भूमि का उपयोग करते हुए बिना अनावश्यक बदलाव के परियोजना की पुनः अधिसूचना जारी कर निर्माण कार्य शुरू कराने की मांग की गई है। अमरदीप मिंज ने कहा कि रेल कनेक्टिविटी मिलने से बलरामपुर सहित पूरे क्षेत्र के सामाजिक, आर्थिक, औद्योगिक और खनिज परिवहन को बड़ा लाभ मिल सकता है। उन्होंने कहा कि यदि मांग पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो स्थानीय स्तर पर लोकतांत्रिक तरीक़े से जनआंदोलन और विरोध-प्रदर्शन किया जाएगा। अब इस मांग को लेकर छत्तीसगढ़, झारखंड और रेल मंत्रालय के बीच समन्वय पर लोगों की निगाहें टिकी हैं।

