वंशावली से लेकर दस्तावेज़ों तक उठे सवाल, सरपंच की जाति पर घमासान…
पनिका समाज’ से होने का दावा, फिर एसटी प्रमाण पत्र कैसे मिला? सबसे बड़ा सवाल…
सरपंच पर दोहरे आरोपों की बौछार—जाति प्रमाण पत्र से लेकर कमीशन तक का मामला…
भारत समाचार 24×7.net…
विशेष रिपोर्ट…
✍️शब्बीर हसन…
सूरजपुर। हर्रा टिकरा ग्राम पंचायत की निर्वाचित सरपंच सुशीला दास पर अनुसूचित जनजाति (एसटी) का कथित फर्ज़ी जाति प्रमाण पत्र लगाकर आरक्षित सीट से चुनाव लड़ने का गंभीर आरोप लगा है। शिकायत के बाद मामला न्यायालय पहुंच गया है और फिलहाल विचाराधीन है।
पनिका समाज से होने का दावा, दस्तावेज़ जांच करने की उठी मांग…
शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि सरपंच सुशीला दास और उनका परिवार पनिका समाज से संबंधित है, जबकि पंचायत की सरपंच सीट एसटी महिला के लिए आरक्षित थी। पूर्व सरपंच अंबिका सिंह सहित ग्रामीणों ने सेटलमेंट रिकॉर्ड, वंशावली, मतदाता पहचान पत्र और अन्य दस्तावेज़ों के आधार पर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
10 प्रतिशत कमीशन मांगने का भी आरोप…
शिकायतकर्ताओं ने सरपंच पर पंचायत के विकास कार्यों के प्रस्तावों के एवज़ में कथित तौर पर 10 प्रतिशत कमीशन मांगने का आरोप भी लगाया है। मामले की शिकायत एसडीएम सूरजपुर, ज़िला प्रशासन और मुख्यमंत्री कार्यालय तक किए जाने की बात कही गई है।
सरपंच ने आरोपों को बताया राजनीतिक साज़िश…
वहीं, सरपंच सुशीला दास ने अपने ऊपर लगाए गए सभी आरोपों को निराधार बताते हुए कहा है कि राजनीतिक और व्यक्तिगत द्वेष के चलते उनकी छवि ख़राब करने की कोशिश की जा रही है। उनका कहना है कि न्यायालय और सक्षम जांच एजेंसी के समक्ष सच्चाई सामने आ जाएगी।
फिलहाल मामला न्यायालय में विचाराधीन है। जाति प्रमाण पत्र और चुनावी पात्रता से जुड़े आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। अंतिम निर्णय न्यायालय एवं संबंधित प्रशासनिक जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।

