तिब्बत से आई जलप्रलय की लहर, नेपाल के रसुवा में मचा हाहाकार…

ग्लेशियर फटने की आशंका के बीच नेपाल में महातबाही, भोटेकोशी नदी उफान पर…

भारत समाचार 24×7.net…

विशेष रिपोर्ट…

✍️शब्बीर हसन…

26 अगस्त 2026 बुधवार…

काठमांडू/पटना। नेपाल में बुधवार को अचानक आई भीषण फ्लैश फ्लड ने भारी तबाही मचा दी। तिब्बत की ओर से अचानक आया पानी भोटेकोशी नदी में उतरा और देखते ही देखते नेपाल के रसुवा जिले के सीमावर्ती इलाकों में तबाही मचा दी। तिमुरे, स्याफ्रूबेसी और रसुवागढ़ी क्षेत्र में कई मकान, सड़कें, पुल, वाहन और व्यापारिक प्रतिष्ठान बाढ़ की चपेट में आ गए। हालात इतने भयावह रहे कि लोगों को अपनी जान बचाने के लिए सुरक्षित स्थानों की ओर भागना पड़ा।

तिब्बत की तरफ से आया सैलाब, कारण अभी पूरी तरह साफ नहीं…
नेपाल के अधिकारियों के अनुसार बुधवार सुबह क़रीब 9 बजे भोटेकोशी नदी में अचानक पानी का तेज़ बहाव आया। बाढ़ तिब्बत की तरफ से आने की पुष्टि हुई है, लेकिन यह ग्लेशियर फटने यानी ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड (GLOF) के कारण ही आई, इसकी अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। विशेषज्ञ हिमस्खलन, ग्लेशियल झील फटने या नदी के प्राकृतिक अवरोध के अचानक टूटने जैसी संभावनाओं की जांच कर रहे हैं।

रसुवा में सबसे ज़्यादा तबाही…
रसुवा ज़िले के तिमुरे और स्याफ्रूबेसी इलाक़े में बाढ़ ने बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचाया है। कई वाहन और सामान पानी में बह गए। रसुवागढ़ी सीमा क्षेत्र को जोड़ने वाली सड़क और कई पुल भी क्षतिग्रस्त हुए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक़ बेतरावती से रसुवागढ़ी तक क़रीब 42 किलोमीटर सड़क कई स्थानों पर बाढ़ में बह गई है।
बाढ़ से नेपाल-चीन सीमा का महत्वपूर्ण व्यापारिक संपर्क भी प्रभावित हुआ है। रसुवागढ़ी क्षेत्र में सीमा व्यापार से जुड़े कार्यालय और अन्य बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचने की खबर है।

105 भारतीय नागरिक लापता…
इस प्राकृतिक आपदा में बड़ी संख्या में भारतीय नागरिकों के भी संपर्क से बाहर होने की ख़बर है। विभिन्न रिपोर्टों के अनुसार कम से कम 105 भारतीयों के लापता होने की सूचना सामने आई है। वहीं कैलाश मानसरोवर यात्रा पर जा रहे क़रीब 390 तीर्थयात्री, जिनमें 93 नेपाली नागरिक भी शामिल हैं, रसुवागढ़ी क्षेत्र में संपर्क से बाहर बताए गए हैं। यात्रियों में अधिकांश भारतीय हैं।
हालांकि लापता लोगों की वास्तविक संख्या अभी स्पष्ट नहीं है और नेपाल प्रशासन तथा सुरक्षा एजेंसियां लगातार आंकड़ों का मिलान कर रही हैं।

मौतों का आंकड़ा लगातार बदल रहा…
बाढ़ में मौतों की संख्या को लेकर भी अलग-अलग समय पर अलग-अलग आंकड़े सामने आए हैं। बुधवार दोपहर तक नेपाल की स्थानीय रिपोर्टों में कम से कम 7 मौतों की पुष्टि हुई थी, जबकि बाद की अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टों में यह संख्या 8 से 9 तक पहुंचने की जानकारी सामने आई है। कई लोग अभी भी लापता हैं, इसलिए मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

13 हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट प्रभावित…
बाढ़ ने नेपाल के जलविद्युत क्षेत्र को भी भारी नुकसान पहुंचाया है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार 13 हाइड्रोपावर परियोजनाएं प्रभावित हुई हैं। इनमें 8 चालू परियोजनाएं और 5 निर्माणाधीन परियोजनाएं शामिल हैं। इनसे जुड़ी कुल क़रीब 748 मेगावाट क्षमता प्रभावित होने की जानकारी सामने आई है।
रसुवागढ़ी हाइड्रोपावर, चिलिमे और अन्य महत्वपूर्ण परियोजनाओं के साथ बिजली ट्रांसमिशन से जुड़े ढांचे को भी नुकसान पहुंचा है।

नेपाल में बड़े पैमाने पर रेस्क्यू ऑपरेशन..
हालात को देखते हुए नेपाल सेना, सशस्त्र पुलिस बल और नेपाल पुलिस को बड़े पैमाने पर राहत एवं बचाव अभियान में लगाया गया है। हेलीकॉप्टर, ड्रोन और खोजी कुत्तों की मदद से लापता लोगों की तलाश की जा रही है। नेपाल सेना ने प्रभावित क्षेत्रों में मेडिकल सहायता भी शुरू की है।
नेपाल के कई डाउनस्ट्रीम जिलों में भी हाई अलर्ट जारी किया गया है। भोटेकोशी, त्रिशूली और नारायणी नदी के किनारे रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने और नदी से दूर रहने की सलाह दी गई है।

नेपाल के सैलाब से बिहार में भी बढ़ा ख़तरा…
नेपाल में आई इस अचानक बाढ़ के बाद बिहार में भी प्रशासन अलर्ट हो गया है। नेपाल से आने वाली नदियों के पानी के कारण गंडक नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी की आशंका को देखते हुए बिहार के कई ज़िलों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण, मुज़फ्फरपुर और वैशाली समेत संवेदनशील इलाक़ों में निगरानी बढ़ाई गई है तथा NDRF और SDRF को तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।
बिहार के आधिकारिक बाढ़ निगरानी आंकड़ों में 26 अगस्त को गंडक समेत कई नदियों के कुछ स्थानों पर जलस्तर चेतावनी या ख़तरे के स्तर से ऊपर दर्ज किया गया है।

प्रशासन की अपील—अफवाहों से बचें, नदी किनारे न जाएं…
नेपाल और बिहार दोनों जगह प्रशासन लोगों से सतर्क रहने की अपील कर रहा है। अचानक आने वाली बाढ़ के ख़तरे को देखते हुए नदी किनारे रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने और किसी भी अपुष्ट सूचना पर भरोसा नहीं करने की सलाह दी गई है।
फिलहाल नेपाल की इस प्राकृतिक आपदा में राहत और बचाव अभियान जारी है। लापता लोगों की संख्या और नुकसान का वास्तविक आंकड़ा सामने आने में अभी समय लग सकता है।

By Gulam Shabbir Hasan

Journalist | News Reporter | Content Creator Gulam Shabbir Hasan is an experienced Indian journalist associated with Bharat Samachar and Hamari Sarkar Daily Newspaper. With a strong background in news reporting, field coverage, and investigative journalism, he is dedicated to delivering accurate, unbiased, and timely news to the public. He specializes in news writing, reporting, and interviews, with a keen ability to connect with people through strong communication and public interaction skills. Alongside traditional journalism, he is actively involved in social media content creation, ensuring news reaches a wider digital audience. Fluent in Hindi, English, and Urdu, Gulam Shabbir Hasan brings linguistic versatility and cultural sensitivity to his reporting. Beyond journalism, he has a deep interest in singing, poetry, and ghazals, which reflects his creative and expressive personality. 📍 Location: Surajpur, Chhattisgarh 📞 Contact: +91 83197 69851 | +91 99261 91754 📧 Email: shabbirhasan512@gmail.com

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You Missed