सार…
हादसे के समय महेश मेघानी नगर इलाके से गुजर रहे थे। दो सप्ताह पहले दिल का दौरा पड़ने के बाद पिता के आराम की जिम्मेदारी भी उसी ने संभाली थी। महेश ने अपने पिता से कहा था कि वे नौकरी छोड़ दें, क्योंकि वह जल्द ही अच्छा पैसा कमाकर घर और कर्ज दोनों की चिंता दूर कर देगा।
विस्तार…
इस साल जून में हुए भयावह अहमदाबाद विमान हादसे ने कई परिवारों की जिंदगी उथल-पुथल कर दी। इन्हीं में से एक है स्थानीय फिल्म निर्माता महेश जीरावाला का परिवार। हादसे से ठीक कुछ सप्ताह पहले महेश ने अपने बीमार पिता से वादा किया था कि वह परिवार का कर्ज चुकाकर एक अपना घर खरीदेंगे। मौत ने उसे यह सपना पूरा करने से रोक दिया, लेकिन मिली क्षतिपूर्ति ने परिवार के लिए यही अधूरा सपना पूरा कर दिया।

एअर इंडिया, उसकी मूल कंपनी टाटा समूह और गुजरात सरकार से मिली कुल 1.29 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति से जीरावाला परिवार ने अपने कर्ज चुकाए और नया घर खरीद लिया। महेश के पिता गिरधरभाई (61) भावुक होकर कहते हैं, मेरे बेटे ने मरने के बाद भी अपने परिवार की इज्जत बनाए रखी। मैं अब काम करने लायक नहीं हूं, पर उसने हमारा भविष्य सुरक्षित कर दिया। 12 जून को एयर इंडिया की फ्लाइट एआई 171-ए बोइंग 787-8 विमान सदर वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास एक मेडिकल हॉस्टल पर गिर गया था। उसमें सवार 242 में से 241 लोगों सहित कुल 260 लोग मारे गए थे। इनमें महेश भी शामिल थे। तीन महीने पहले उसकी शादी भी हुई थी।
15 लाख का कर्ज चुकाया, 45 लाख में घर खरीदा…
हादसे के बाद एअर इंडिया और टाटा समूह ने परिवार को 1.25 करोड़ रुपये, जबकि राज्य सरकार ने महेश की पत्नी हेतल को 4 लाख रुपये दिए। गिरधरभाई के अनुसार, कुल 1.29 करोड़ में से हेतल 54 लाख रुपये लेकर मायके चली गई। हमारे पास बचे 75 लाख में से 15 लाख का कर्ज चुकाया, 45 लाख में घर खरीदा, 10 लाख फर्नीचर पर लगाए और 5 लाख अपने पोती के लिए रखे।
महेश ने अपने छोटे भाई की बेटी को गोद लेने की योजना भी बनाई थी…
महेश ने अपने छोटे भाई कार्तिक की बेटी को छह साल की उम्र में गोद लेने की योजना भी बनाई थी। गिरधरभाई कहते हैं, अब पैसे में कुछ नहीं बचा, लेकिन खुशी है कि बेटे ने अपनी आखिरी इच्छा पूरी कर दी। मैं तो काम करने लायक नहीं हूं, फिलहाल परिवार कार्तिक की 20,000 रुपये की आमदनी पर निर्भर है।

